भ्रातृ का महत्व : भारतीय परम्परा में भूमिका

भारतीय सभ्यता में भ्रातृ का दर्जा अद्वितीय है। इसे एक ऐसा रिश्ता है जो स्नेह और त्याग्यता से परिपूर्ण होता है। भ्रातृ को अक्सर अपना पहला मित्र, रक्षक और मार्गदर्शक माना जाता है। पारिवारिक जीवन में, भ्रातृ की भूमिका विशेष होती है, जहाँ वे न केवल परिवार का साथ करते हैं, बल्कि आपस के लिए अंकल भी साब